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  • अब पक्के भक्त बन गये हैं लालू प्रसाद

    अब पक्के भक्त बन गये हैं लालू प्रसाद

    कभी ब्राह्मणों, पूजापाठ और कर्मकाण्डों का मजाक उड़ाने वाले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद अब ईश्वर के पक्के भक्त बन गये हैं। कभी वाराणसी, कभी विंध्याचल, कभी थावे तो कभी हरिहरनाथ - लालू प्रसाद के दिन अब इन मंदिरों के चक्कर लगाने में बीत रहे हैं। पिछले दिनों बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने हाजीपुर स्थित हरिहरनाथ मंदिर में 46 लाख रुपयों की चांदी और ग्रेनाइट चढ़वाया है।

  • इन महंगी गाड़ियों और फ्लैटों के खरीददार कौन?

    पटना में पिछले एक वर्ष में 78000 गाड़ियां खरीदी गयीं। इनमें से करीब 20000 ऐसी महंगी गाड़ियां हैं, जिनकी कीमत 6 लाख रुपये से लेकर 26 लाख रुपये तक है। इसी प्रकार पटना सदर, पटना सिटी और दानापुर निबंधन कार्यालय में पिछले एक वर्ष में कुल 3608 फ्लैटों का निबंधन हुआ जिनमें से एक फ्लैट की कीमत 30 लाख रुपये से लेकर 1.25 करोड़ रुपये तक है।

  • अंबेडकर को इस कार्टून पर नहीं थी कोई आपत्ति

    प्रख्यात कार्टूनिस्ट शंकर द्वारा बनाये गये बाबा साहेब भीमराव अम्बेदकर के कार्टून पर स्वयं डॉ. अंबेडकर को कोई आपत्ति नहीं थी। संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने एक निजी चैनल को बातचीत में बताया कि सन् 1949 ई. में प्रकाशित इस कार्टून पर उनके दादा ने कभी विरोध नहीं जताया।

  • Patna Museum : Down the ages

    Patna Museum : Down the ages

    Situated on Budha marg in the ancient city of Patna, Patna Museum is one of the most important museums in India. It is famous all over world for its rare and priceless collections. The Patna Museum was established in the year 1917 by sir Edward Gait, the then lieutenant governor of Bihar and Orissa.

  • Treasures of Nalanda

    Treasures of Nalanda

    Tolling of bells from the near by temples awoke me from my deep slumber . Jumping through the open window the morning sun has scattered on my bed . Where was I , could not ascertain all on a sudden . Accidentaly I set my eyes on the remparts hidden behind the trees across the window . Abruptly every thing appears on the canvas of my memory .

  • आमिर या किसी खान की हमेशा जरूरत नहीं: सिंड्रेला

    आमिर या किसी खान की हमेशा जरूरत नहीं: सिंड्रेला

    आमिर खान के टेलीविजन शो 'सत्यमेव जयते' में बाल यौन शोषण से जुड़ा अपना अनुभव बताने के बाद से मैंने लोगों के बर्ताव में फर्क महसूस किया है. शो की शूटिंग फरवरी में हुई थी और उसके बाद से ही मैं प्रार्थना कर रही थी कि मुझे इसके बाद किसी की दया नहीं चाहिए कि 'ओहो बेटी आपके साथ जो हुआ वो गलत हुआ'. मगर ऐसा नहीं हुआ.

  • नाम में बहुत कुछ रखा है

    नाम में बहुत कुछ रखा है

    पुरानी कहावत है कि ‘नाम में क्या रखा है’। लेकिन अगर आप किसी शहर के विभिन्न मुहल्लों के नामों पर गौर करें तो नाम से उस क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक हैसियत का अंदाजा लग सकता है। उदाहरण के तौर पर पटना शहर को लिया जा सकता है यदि आप किसी से पूछें कि वह कहां रहता है? उसके जवाब से ही उसके पूरे प्रोफाइल का पता लगाया जा सकता है।

  • उनकी छत और उनकी किताबें

    उनकी छत और उनकी किताबें

    निर्मल वर्मा अगर जीवित होते 83 वर्ष के हो गये होते। निर्मल वर्मा अब नहीं है यह कहना ठीक नहीं होगा। वह अब भी है। अपनी रचनाओं में, लोगों की स्मृतियों में। निर्मल वर्मा के बारे में जब कभी सोचता हूं तो उनके साथ बिताये कुछ बहुत दुर्लभ क्षण याद हो आते हैं। पहली बार निर्मल वर्मा के लेखन से मेरा परिचय टाइम्स आफ इंडिया, नई दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार ...

  • स्वतंत्र दावेदारी प्रस्तुत कर रहीं हैं महिला फिल्मकार

    स्वतंत्र दावेदारी प्रस्तुत कर रहीं हैं महिला फिल्मकार

    हिंदुस्तान के फिल्म जगत पर लंबे समय तक पुरूषों का प्रभुत्व रहा है। महिलाएं फिल्मों में अभिनय, लेखन एवं गायन आदि के माध्यम से अपना सहयोग फिल्म जगत को देती रहीं हैं। महिलाओं की भूमिका अधिकांशतः कैमरे के सामने नाचने-गाने-ठुमके लगाने एवं हीरों को रिझाने आदि की ही ज्यादा रही है। लेकिन पिछले दो-तीन दशकों से उनकी भूमिका में अब निर्णायक किस्म का बदलाव देखने में आ रहा है।

  • किस्सा कुर्सी का

    किस्सा कुर्सी का

    कृपाराम (या क्रुपा राम?) मांझी एक सर्वनाम है। इस देश के सभी राज्यों में पुरानी वर्दी वाले, हवाई चप्पल पहने, जंग लगे हथियार थामे, माओवादियों से आतंकित, हुक्मरानों से त्रस्त, मामूली माहबारी से बंधे, सारे जहां की जोखिम उठाते व्यक्तियों के समूह को (इसे ‘पुलिस’ भी कहते हैं) कृपाराम मांझी कहते हैं।

  • हेनरी किसिंजर को थी एक और भारत-पाक युद्ध की आशंका

    हेनरी किसिंजर को थी एक और भारत-पाक युद्ध की आशंका

    अमेरिकी प्रशासन ने सत्तर के दशक के रूसी और अमेरिकी नेतृत्व के बीच राजनयिक संवादों को सार्वजनिक किया है। इन संवादों में पाकिस्तान की ओर अमेरिकी प्रशासन का झुकाव साफ-साफ दिखता है। सत्तर के दशक के मध्य में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने रूस की ओर से भारत को हथियारों की आपूर्ति पर चिंता जताई थी।

  • ”खात्मा“ से ”अपहरण“ तक

    ”खात्मा“ से ”अपहरण“ तक

    कानु सान्याल अपनी रचना ”भा॰क॰पा॰(मा॰ले॰) का इतिहास“ में लिखते हैं, जब चीन में अपनी पढ़ाई पूरी कर भारत लौटने से पूर्व वे माओ-त्से-तुंग से मिले, तब माओ ने कहा - ”आपने यहां जो कुछ सीखा, उसे भूल जाइये।“ माओ की यह उक्ति रहस्यमय लग सकती है, पर इस उक्ति में एक दिशा निर्देश निहित है, जो क्रांतिकारियों को किसी दूसरी क्रांति की फोटोकापी प्रस्तुत करने से मना करता है।

  • सिंघवी दोषी हैं तो उन्हें फांसी दी जाये: अन्ना हजारे

    सिंघवी दोषी हैं तो उन्हें फांसी दी जाये: अन्ना हजारे

    अन्ना हजारे ने एक बार फिर विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि यदि कांग्रेसी नेता अभिषेक सिंघवी को कथित तौर पर एक महिला के साथ आपत्तिजनक मुद्रा में दिखानेवाली सीडी के मामले में अगर दोषी पाया जाता है तो उन्हें फांसी दे दी जानी चाहिए। महाराष्ट्र के बीड में एक पत्रकार के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि सिंघवी को दोषी पाया जाता है तो उन्हें फांसी दे देनी चाहिये।

  • “भागते भूत की लंगोट” वाली रणनीति

    “भागते भूत की लंगोट” वाली रणनीति

    अचानक भाकपा (माओवादी) द्वारा ‘अपहरण’ की ओर रूख करना, इस बात का सबूत है कि उनकी ‘लोकयुद्ध’ वाली रणनीति अब मार खाने लगी है। इसके पहले भी यह रणनीति कभी सफल हुई हो, बात ऐसी नहीं है। पर अब उनकी रणनीति की व्यर्थता साफ दिखने लगी है। उब उनके ”गुरिल्लों“ में यह दम नहीं है कि जेल पर हमला कर अपने साथियों को छुड़ा लें।

  • Filmmaker Kalpana Lajmi on her relationship with musician Bhupen Hazarika

    Filmmaker Kalpana Lajmi on her relationship with musician Bhupen Hazarika

    Kalpana Lajmi (pictured left) was just 17 when she fell in love with Bhupen Hazarika who was 45 at that time. When the music maestro turned 80, he offered to marry her, but Kalpana, who has been living with him for the past 38 years now, turned down the offer saying that the 'wife' tag was unnecessary to their relationship.

  • Shahid pays tribute to Shammi Kapoor in TERI MERI KAHAANI

    Shahid pays tribute to Shammi Kapoor in TERI MERI KAHAANI

    Shahid Kapoor will pay tribute to late Shammi Kapoor’s dance moves in his upcoming flick TERI MERI KAHAANI. Shahid was keen on doing these steps since he has always admired Shammi Kapoor as a dance icon. I have grown up watching Shammi sir’s films, and have always admired him.

  • Lara Dutta’s view on Aishwarya Rai’s post pregnancy flab

    Lara Dutta's view on Aishwarya Rai's post pregnancy flab

    While the entire world is obsessed with Aishwarya Rai's weight gain, the new mommy Lara Dutta thinks the other way. Taking on Ash's side, Mrs Bhupathi slammed all those who have been criticising the former's weight gain programme. Talking to a leading daily, Lara asked people not to be judgemental on Aishwarya's post pregnancy flab.

  • 100 ग्राम जिंदगी है जी भर के जी है

    100 ग्राम जिंदगी है जी भर के जी है

    हिं दी सिनेमा के दस सर्वश्रेष्ठ दृश्य याद करने हो तो उनमें निश्‍चय ही एक ‘आवारा’ का स्वप्न दृश्य भी होगा, जिसने राजकपूर को हिंदी सिनेमा का शोमैन बनाने की जमीन तैयार की. कल्पनातीत भव्य सेट और उस पर भारतीय जीवन दर्शन को साकार करते सैकड़ों नर्तक. इस दृश्य को साकार करने में जिस एक व्यक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण थी, वह है जोहरा सहगल.

  • Patna College

    अशोक राजपथ, पटना पर स्थित पटना कालेज की डच शैली में बनी यह इमारत 17वीं सदी में फ्रांसिसियों के अधीन था। तब इसमें सोडा(साल्टपीटर) का कारखाना हुआ करता था। बाद के दिनों में (1863ई.) इसमें पटना कालेज की स्थापना हुई जो पहले कालेजिएट स्कूल था। 1871 ई. में इसमें डोरिक और आयोनिक शैली में बनी कई नयी इमारतें जुड़ी जो वर्तमान में पटना कालेज का हिस्सा हैं।


    • गौरीशंकर नागदंश

      गौरीशंकर नागदंश

      वैसे महादलित के संदर्भ में विपक्ष यह कहते नहीं थकता है कि मुख्यमत्रं नीतीश कुमार ने अपने कमजोर वोट बैंक की भरपाई के लिए ही दलितों का बंटवारा कर महादलित की स्थापना कर दी। अगर थोड़ी देर के लिए इसे सच मान भी लिया जाये तो इसे राजनीति का ऐसा पाप माना जायेगा, जिसमें दलितों की बहुसंख्य उपजातियों के दिन बहुरने के संकल्प छिपे हैं।

    • विनोद अनुपम

      विनोद अनुपम

      गनीमत है, मेरे पास ‘मां’ नहीं है!`ये मां है, जो अपनी बेटे को तो प्यार करती है लेकिन यह स्वीकार नहीं कर पाती कि इनका बेटा अपनी पत्नी का ख्याल रखे,उसका सम्मान करे,उसे प्यार करे, उसकी सही बातों का भी समर्थन करे।` यदि हिन्दी धारावाहिकों से कोई भारतीय मां की पहचान करना चाहे तो उसे यही मां मिलेगी।

    • Anand S.T. Das

      Anand S.T. Das

      The metamorphosis of social activist Anna Hazare from being a stationary, fasting campaigner for his magic-wand Lokpal law to an itinerant, verbose showman evidently adept at drawing the crowd cheers only adds one more layer of banality to a fundamentally misleading cause.

    • शाहरुख खान पर पांच साल का बैन

      शाहरुख खान पर पांच साल का बैन

      मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन यानी एमसीए ने गाली-गलौच और मारपीट करने के आरोप में फिल्‍म अभिनेता शाहरुख खान पर वानखेड़े स्‍टेडियम में घुसने पर पांच साल की पाबंदी लगा दी है. एमसीए की मैनेजिंग कमेटी की बैठक के बाद आज एसोसिएशन के अध्‍यक्ष विलासराव देशमुख ने कहा कि किसी के लिए भी नियमों को नहीं तोड़ा जा सकता.

    • अमेरिका ने लगाया दाऊद के गुर्गों पर प्रतिबंध

      अमेरिका ने लगाया दाऊद के गुर्गों पर प्रतिबंध

      भारत में सर्वाधिक वांछितों में से एक दाऊद इब्राहिम के दो खास गुर्गों छोटा शकील और टाईगर मेनन पर अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी में उनकी भूमिका के कारण प्रतिबंध लगा दिया है। अमरीकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने दाऊद इब्राहिम के आपराधिक संगठन में छोटा शकील और टाइगर मेनन की अहम भूमिका को लेकर इनपर प्रतिबंधित लगाया है।

  • आवारा दिन

    हमारे घर की गन्दी चीजें बाहर फेंकी और नवम्बर की धूप में लाई जा रही है। अजीब तरह से मैं उदास हूं। अपनी बस्ती के काले छप्परों के ऊपर झुके एक स्थिर बादल को सुस्ती से ताकता और तार-तार और पुआल भरी भूरी तोशक को बाहर ले जाने में मां की सहायता करता हुआ मैं दहलीज पर गिर गया.....चेदोमिर मिन्दारोविच की कहानी

  • विश्वजीत सेन की कविताएं

    विश्वजीत सेन हिन्दी, बंगला एवं अंग्रेजी साहित्य में गहरे दखल रखनेवाले लेखक, कवि एवं संस्कृतिकर्मी रहे हैं। उन्होंने साहित्य की कई विधाओं में लिखा है। उनका काव्यात्मक तेवर आम आदमी की चिंताओं से गहरे नाभिनालबद्ध रहा है। पाठक उनकी हालिया प्रकाशित कविताओं में उनका यह तेवर पायेंगे। प्रस्तुत है इसी किस्म की उनकी चुनींदा कविताए ....

  • नालन्दा : ठहरे पत्थरों पर अतीत की इबादत

    मंदिर में बज रहे घंटे की आवाज ने नींद से जगाया। सुबह की धूप बगल की खुली खिड़की से कूदकर, बिस्तर पर फैल गयी थी। मैं कहां हूं-यकायक समझ नहीं पाता हूं। सहसा नजरें खिड़की के पार, पेड़ों के पीछे खंडहरों पर पड़ती है-और अचानक सब कुछ याद हो आता है-ये नालन्दा के खंडहर हैं। ... अरुण सिंह

  • आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री

    किसी फिल्मी गीत की यह पंक्ति: ‘तुम्हें जो भी देख लेगा, किसी का न हो सकेगा..’ आचार्य श्री जानकीवल्लभ शास्त्री जी पर सवा सोलहो आने सटीक उतरती है। शास्त्री जी को देखते ही लगा था; यह व्यक्ति आपादशीर्ष विलक्षण है। बहुविद्याविद् शास्त्री जी विद्वता, लेखन, गायन, वाचन में किसी भी सारस्वत व्यक्तित्व को अतिशायित करते हैं। ... डा. कुणाल कुमार के संस्मरण

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