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आईएएस दीपक आनंद के ठिकानों से 2.6 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग के मिले सबूत

आईएएस दीपक आनंद की काली कमाई पर से धीरे-धीरे पर्दा उठता जा रहा है। दूसरे दिन भी उनके सभी ठिकानों पर छापेमारी चलती रही। इनके पास जो कागजात बरामद हुए हैं, उनमें बेहद ही जटिल और पेचिदा किस्म के लेन-देन सामने आये हैं।

दीपक आनंद के पैतृक घर सीतामढ़ी और गोड्डा स्थित ससुराल से बड़ी संख्या में ऐसे कागजात बरामद किये गये हैं, जिनमें एक व्यक्ति से दूसरे फिर तीसरे के जरिये एक ही राशि को कई स्तर पर घुमाकर लेन-देन करने के बड़े मामले सामने आये हैं।

बताया जाता है कि एक ही पैसे को दूसरे और तीसरे व्यक्ति को देकर फिर से ये रुपये वापस दीपक आनंद ने कर्ज के रूप में ले लिया है। इस तरह के लेन-देन के दर्जनों कागजात बरामद हुए हैं। बरामद सभी कागजातों की फिलवक्त जांच चल रही है।

खबर के मुताबिक अब तक की जांच में दो करोड़ 60 लाख रुपये के मनी लाॅन्ड्रिंग के दस्तावेज मिल चुके हैं। जांच पूरी होने के बाद इनके अधिक बढ़ने की संभावना है। इस मामले में उनके खिलाफ पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट) के तहत भी कार्रवाई शुरू हो सकती है।

इसके लिए इस मामले को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के पास भी ट्रांसफर किया जा सकता है। क्योंकि वर्तमान में आय से अधिक संपत्ति मामले में एसवीयू (स्पेशल विजिलेंस यूनिट) एंटी करप्शन एक्ट के तहत ही कार्रवाई कर रहा है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है कि मामला ईडी के पास कब भेजा जायेगा।

गुरुवार को आईएएस दीपक आनंद की पत्नी डॉ शिखा रानी को पुलिस सुरक्षा में पटना से कटिहार ले जाया गया। यहां के मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में उनकी मौजूदगी में कमरा का ताला खोला गया। इसकी तलाशी के दौरान दो लाख रुपये की ज्वेलरी और कमरे से पांच लाख रुपये के घरेलू उपयोग के सामान भी बरामद किये गये हैं। ये सभी ज्वेलरी पटना के तनिष्क से खरीदी गयी थी, जिसकी रसीद भी बरामद हुई है। वित्तीय लेन-देन के कुछ कागजात मिले हैं।

दीपक आनंद के पास से एक दर्जन से ज्यादा बैंक एकाउंट के अलावा दो लॉकर भी मिले हैं। इनकी गहन जांच चल रही है। लॉकर से भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के मिलने की पूरी संभावना है। इसके अलावा जांच में एक बेहद महत्वपूर्ण सूचना यह मिली है कि मुजफ्फरपुर में उनका एक कमरा है।

बताया जा रहा है कि पटना में पीएंडएम मॉल में दो दुकानों के अतिरिक्त पटना एम्स के पास छह कट्ठा जमीन के भी कागजात मिले हैं। हालांकि यह जमीन उनके पिता के नाम पर है। इसलिए पहले इस बात की जांच की जा रही है कि इसे कब और कितने में खरीदी गयी।

यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वास्तव में यह जमीन उनके पिता ने ही खरीदी है या आईएएस बेटे ने अपनी काली कमाई से खरीदी है। यह छह कट्ठा जमीन का वास्तविक एमवीआर डेढ़ करोड़ से ज्यादा है। जबकि कागज पर इसकी कीमत महज 30 लाख रुपये ही दिखायी गयी है।

आईएएस दीपक आनंद ने वर्ष 2011 में शहर के पीएंडएम मॉल में दो दुकानें खरीदी हैं। इसमें एक दुकान स्वयं और दूसरी पत्नी शिखा रानी के नाम पर है। मॉल की दुकान संख्या आरटी-02ए और एफ-12 इनकी हैं।

इन दुकानों को खरीदने के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2016-17 के बीच एक करोड़ 66 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में दिये गये थे। अधिकांश रुपये कैश दिये गये हैं और इनमें कुछ रुपये चार-पांच एकाउंट के माध्यम से रूट करके पेमेंट किये गये हैं।

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