+91 943 029 3163 info@biharkhojkhabar.com

‘आप’ को लगा बड़ा झटका, 20 विधायकों की सदस्यता रद्द, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी को रविवार को बड़ा झटका लगा है। दोहरे लाभ के पद के मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी गयी है। राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग की सिफारिश को मंजूरी दे दी। कानून मंत्रालय ने रविवार को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। इन विधायकों की अयोग्यता का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

इस फैसले पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने प्रसन्नता जाहिर की है, तो आम आदमी पार्टी ने फैसले की कड़ी आलोचना की है। आम आदमी पार्टी ने इसे पक्षपातपूर्ण और राजनीतिक दबाव में चुनाव आयोग द्वारा लिया गया निर्णय बताया /राष्ट्रपति के आदेश को आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने असंवैधानिक और लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है।

मालूम कि चुनाव आयोग ने राष्ट्रपित से सिफारिश की थी कि आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों ने 13 मार्च 2015 से 8 सितंबर 2016 तक लाभ का पद रखा था। आम आदमी पार्टी ने अपने 21 विधायकों को दिल्ली सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में संसदीय सचिव नियुक्त किया था। इन 21 विधायकों में से 1 विधायक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था इसलिए चुनाव आयोग का फैसला 20 विधायकों पर लागू होता है।

उधर कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि यह ‘आप’ के भ्रष्टाचार का नमूना है। भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा कि केजरीवाल भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए राजनीति में आये थे। लेकिन, पैसे के लालच ने उनके 20 विधायकों की सदस्यता खत्म करवा दी। अब उनको पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।

‘आप’ के बागी नेता कपिल मिश्रा ने कहा है कि केजरीवाल ने संविधान का उल्लंघन किया है। कपिल मिश्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल एंड टीम की करतूत की वजह से आयोग को ऐसा निर्णय लेना पड़ा।

कपिल मिश्रा ने कहा कि ढाई साल तक मामले की सुनवाई चली। बाद में आम आदमी पार्टी के बचाव का कोई रास्ता नहीं बचा, तो उन्होंने चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब तक देना बंद कर दिया। इसके बाद चुनाव आयोग के पास इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि अब केजरीवाल के पास भी चुनाव का सामना करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली में चुनाव नहीं चाहती। यदि कांग्रेस और भाजपा मिलकर दिल्ली के विकास कार्य को रोकना और जनता पर चुनाव का बोझ डालना चाहती है, तो उनकी पार्टी चुनावों का सामना करने के लिए तैयार है।

दरअसल, आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की चुनाव आयोग की सिफारिश को राष्ट्रपति ने रविवार को मंजूरी दे दी। मामला लाभ के पद से जुड़ा हुआ है।

Related Posts

Leave a Reply

*