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कभी अरुणाचल प्रदेश का अस्तित्व स्वीकार नहीं किया: चीन

डोकलाम विवाद को सुलझे अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है लेकिन चीन एक बार फिर से भारत पर अपना दबदबा बनाने की जद्दोजहद करने में जुट गया है। दिसंबर के आखिर में चीनी सैनिक भारतीय सीमा पार करते हुए सिआंग जिले के सीमावर्ती गांव में सड़क बनाने वाली मशीन और सामानों के साथ घुस आए थे।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक चीनी सैनिक अरूणाचल प्रदेश की भारतीय सीमा में करीब 200 मीटर तक अंदर घुस आए। हालांकि भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को वहीं रोक दिया।

बुधवार को चीन ने कहा कि उन्‍होंने अरुणाचल प्रदेश के अस्तित्‍व को कभी स्‍वीकार नहीं किया है। लेकिन इस दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता गेंग शुआंग ने अपने सैनिकों के भारतीय सीमा में दाखिल होने के सवाल पर चुप्‍पी साध ली।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी सैनिक एक बार फिर भारतीय सीमा में घुसे। चीनी सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा से 200 मीटर अंदर तक घुसपैठ की और वे ऊपरी सियांग जिले के एक गांव तक पहुंच गए थे। गेंग से जब इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्‍होंने कहा, ‘सबसे पहले हम बता दें कि सीमा मुद्दे पर हमारी स्थिति स्‍पष्‍ट और सुसंगत है। हम अरुणाचल प्रदेश के अस्तित्‍व को स्‍वीकार नहीं करते हैं।’

उन्‍होंने आगे कहा, ‘आप जिस विशिष्‍ट स्थिति के बारे में बात कर रहे हैं, मुझे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। इसलिए मैं उस बारे में कुछ नहीं कह सकता हूं।’ बता दें कि चीन अरुणाचल प्रदेश पर काफी लंबे समय से अपना दावा पेश करता रहा है। चीन का दावा है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्‍बत का हिस्‍सा है।

मालूम हो कि भारत-चीन सीमा विवाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर 3,488 किमी दूर तक है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को कथित तौर पर निर्माण मशीनरी के साथ सीमा पार करते हुए रोक दिया था। चीनी सैनिक ने कथित तौर पर निर्माण उपकरण वहीं पीछे छोड़ दिये थे।

गेंग ने कहा, ‘देखिए, मैं यहां कहना चाहता हूं कि चीन और भारत के बीच सीमा संबंधी मामलों को सुलझाने के लिए एक अच्छी तरह से विकसित तंत्र है। इस तंत्र के माध्यम से चीन और भारत सीमा मामलों को सुलझा सकते हैं। सीमा पर शांति और स्थिरता को बनाए रखना चीन और भारत दोनों के लिए महत्‍वपूर्ण है।’

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