+91 943 029 3163 info@biharkhojkhabar.com

क्या एनडीए में नीतीश कुमार कोई बड़ी भूमिका निभाएंगे !

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह का सुबह किया गया ट्वीट भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दे रहा है। अमित शाह ने आज एक ट्वीट कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए यह बात सार्वजनिक किया है कि उन्होंने नीतीश कुमार को भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में अपनी पार्टी को शामिल करने का न्यौता दिया है।

इस ट्वीट के बाद यह चर्चा शुरू हो गयी है कि क्या नीतीश कुमार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गंठबंधन में कोई बड़ी भूमिका तय कर रखी है?

सियासी गलियारों में चर्चा है कि नीतीश को राजग का संयोजक बनाया जा सकता है। यह बात भी दिलचस्प है कि एनडीए के पुराने संस्करण में संयोजक की जिम्मेवारी हमेशा जदयू या उसके पुराने संस्करण समता पार्टी के नेता ही संभालते रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि वाजपेयी युग में जार्ज फर्नांडीस इस भूमिका को निभा रहे थे। उनका युग खत्म होने के बाद जब आडवाणी एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार व अध्यक्ष बनाये गये तो शरद यादव को इसका संयोजक बनाया गया।

यद्यपि 2009 के लोकसभा चुनाव में आडवाणी-शरद की अगुवाई वाला एनडीए सोनिया-मनमोहन के नेतृत्व वाले कांग्रेस व यूपीए सरकार के सामने प्रभावी साबित नहीं हुआ और चुनाव हार गया।

आज एनडीए की अगुवाई नरेंद्र मोदी-अमित शाह के पास है। ऐसे में संयोजक पद की अहम जिम्मेवारी नीतीश कुमार को सौंप कर राष्ट्रीय स्तर पर उनकी साफ व काम करने वाले नेता की छवि का लाभ राजनीति की माहिर यह जोड़ी लेने की कोशिश कर सकती है।

नीतीश की इस बड़ी भूमिका का गुजरात विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को लाभ हो सकता है, जहां नीतीश कुमार के जातीय समुदाय पाटीदार सबसे प्रभावी वोट बैंक हैं और यह माना जा रहा है कि वे भाजपा से नाराज चल रहे हैं।

इस पूरे मामले पर नीतीश कुमार ने अपना इरादा अभी स्पष्ट नहीं किया है लेकिन समझा जाता है कि इस महीने 19 अगस्त को जब पटना में उनकी अध्यक्षता में जदयू कार्यकारिणी की बैठक होगी तब इस पर वे अपने नेताओं की राय लेंगे और संभव है कि इस पर स्पष्ट व ठोस फैसला भी ले सकते हैं। कार्यकारिणी में एनडीए में शामिल होने व उसका संयोजक बनने जैसे प्रस्ताव पर विचार किया जायेगा।

Related Posts

Leave a Reply

*