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जब जिन्ना की बेटी ने उनकी बोलती बंद कर दी

पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की बेटी दीना वाडिया का गुरूवार को न्यूयार्क स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। 98 वर्षीया दीना जिन्ना की इकलौती संतान थी। दीना के परिवार में उनके पुत्र एवं वाडिया समूह के अध्यक्ष नुसली एन. वाडिया, पुत्री डी.एन. वाडिया और पोते नेस और जेह हैं।

दीना वाडिया का जन्म भारत-पाकिस्‍तान विभाजन से पहले 15 अगस्‍त 1919 को हुआ था। 1947 को बंटवारे के समय दीना ने पाकिस्तान जाने की बजाए भारत की नागरिकता स्वीकार की और यहीं रहने का फैसला लिया।

दरअसल दीना जब 17 वर्ष की थी, उन्हें एक भारतीय पारसी शख्‍स नेविली वाडिया से प्‍यार हो गया, जिन्‍ना को यह बिल्कुल पंसद नहीं था। मगर दीना ने जिन्ना से विद्रोह करते हुए नेविली वाडिया का साथ चुना।

नेविली वाडिया से शादी के बाद जिन्ना और दीना के बीच दूरियां और बढ़ गईं। विभाजन के बाद जिन्ना पाकिस्तान लौट गए लेकिन दीना अपने पति के साथ मुंबई में ही रहीं और थोड़े समय बाद अमेरिका जाकर बस गईं।

1948 में जिन्‍ना की मौत के बाद वह पहली बार पाकिस्‍तान गईं और उसके बाद 2004 में भी गईं। साथ में उनके बेटे नुस्‍ली वाडिया और पोते भी थे। कराची में अपने पिता के मकबरे पर जाने के बाद दीना ने एक किताब भी लिखी थी और उसे अपनी जिंदगी का सबसे कटु अनुभव बताया था। साथ ही कामना की थी कि जिन्‍ना ने पाकिस्‍तान के लिए जो सपने देखे थे, वो सब सच हो जाएं।

शीला रेड्डी की एक किताब के मुताबिक जब देश आजाद हुआ तब कराची से कहीं दूर बम्बई के कोलाबा के एक फ्लैट में दीना ने अपनी बालकनी पर दो झंडे लगाए थे। एक भारत का, दूसरा पाकिस्तान का।

जिन्ना मुस्लिमों के नेता बनना चाहते थे और इसलिए उन्होंने दीना को एक पारसी से शादी के लिए रोका। जिन्ना ने अपनी बेटी से कहा कि देशभर में कई मुस्लिम लड़के हैं, उनमें से किसी से भी शादी कर लो। इस पर दीना ने कहा कि इस देश में हजारों मुस्लिम लड़कियां थीं फिर आपको शादी करने के लिए मेरी पारसी मां ही मिली थीं।

दरअसल जिन्ना ने पारसी लड़की रुट्टी पेटिट से शादी की थी। दीना के इस जवाब ने जिन्ना की बोलती बंद कर दी और दोनों के बीच बोलचाल बंद हो गई।

उल्लेखनीय है कि नुस्‍ली वाडिया एक सफल और मशहूर भारतीय बिजनेसमैन हैं और पारसी समुदाय के भी प्रभावशाली सदस्‍य हैं।

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