+91 943 029 3163 info@biharkhojkhabar.com

तेजस्वी के नेतृत्व से नाखुश राजद के महासचिव ने दिया इस्तीफा, किया विस्फोटक खुलासा

चारा घोटाला में राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जेल जाने के बाद अब उनकी पार्टी में भी संकट के बादल छाने लगे हैं। पार्टी के महासचिव और पूर्व प्रवक्ता डॉ. अशोक सिन्हा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे की वजह में अशोक सिन्हा ने साफ किया कि वह लालू प्रसाद की जगह पार्टी की कमान संभाल रहे तेजस्वी यादव की कार्यशैली से नाखुश हैं।

पेशे से प्रोफेसर डॉ. अशोक सिन्हा ने बताया है कि राजद में रहते हुए बहुत घुटन हो रही थी। उन्होंने कहा कि सात महीने तक काफी इंतजार के बाद, उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी है। मीडिया से बातचीत में अशोक सिन्हा ने विस्तृत बातचीत की और कहा कि राजद केवल एक परिवार की पार्टी बनकर रह गयी है। उन्होंने यह खुलकर स्वीकार किया कि लालू परिवार के गलत कामों का राजद के नेता बचाव करने में व्यस्त हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रवक्ता पद से हटाने का कारण आज तक मुझे नहीं बताया गया। प्रो अशोक सिन्हा के मुताबिक राजद नेता रघुवंश प्रसाद, अब्दुल बारी सिद्दीकी और जगदानंद सरीखे बड़े नेता भी पार्टी के अंदर काफी घुटन में हैं। सभी को राज्यसभा और परिषद के चुनाव का इंतजार है, उसके बाद राजद में बड़ी भगदड़ मचेगी। अशोक सिन्हा ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि तेजस्वी जैसे नौैसिखिये का नेतृत्व भी राजद के बड़े नेताओं को कबूल नहीं है।

उन्होंने विस्फोटक खुलासा करते हुए कहा कि राजद के अस्सी में से केेवल 30 से 35 विधायक ही लालू परिवार के साथ हैं। अशोक सिन्हा साफ कहा कि पार्टी के अंदर नेताओं में बेचैनी है ,

उनके मुताबिक लालू परिवार केवल उकसावे की राजनीति जानता है। एक जाति विशेष के खिलाफ यादवों को प्रवोक किया जाता है। उन्होंने साफ कहा कि लालू परिवार को अपनी बेनामी संपत्ति पर सफाई देनी चाहिए। लालू यादव को जनता के सामने अपनी संपत्ति के विवरण को रखना चाहिए।

अशोक सिन्हा ने राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी पर हमला बोलते हुए कहा कि शिवानंद तिवारी ने लालू परिवार की नाशलीला लिखी। अब भी लालू आवास में बैठ उन्हें अराजक बताते हैं। उन्होंने कहा कि तिवारी जी कहते हैं, अराजक होने के बावजूद लालू के साथ चलना मजबूरी है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में आरजेडी अप्रासंगिक हो गई है इसलिए बेहतर है कि समय बर्बाद करने की जगह पार्टी छोड़ दी जाए। तेजस्वी यादव लालू जी की तरह पार्टी का नेतृत्व नहीं कर सकते।

Related Posts

Leave a Reply

*