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दुनिया के सबसे खूबसूरत आदमी का डूबना

GabrielGarciaMarquez-Nobellaureate-dies-at87lबच्चों ने सबसे पहले समुद्र से तेजी से आते काले उभार को देखा, तो उन्होंने उसे दुश्मन का जहाज समझा। जब उन्होंने उस पर किसी झंडे या मस्तूल को नहीं देखा तो सोचा कि कोई व्हेल होगी। मगर जब वह समुद्र तट पर बह कर आया, उन्होंने उसके शरीर पर से समुद्री शैवाल के गुच्छे, जेलीफिश जाल के स्पर्षकों और मछली के अवशेष तथा कचड़े को हटाया तो उन्हें पता चला कि वह एक डूबा हुआ आदमी था।

वे पूरी दोपहर उसे रेत में दफनाकर और फिर खोद कर निकालकर उसके साथ पूरी पूरी दोपहर खेलते रहे थे तो किसी की नजर उन पर पड़ी और गाँव में हल्ला मचा दिया। जब उसे सबसे पास वाले घर ले गए तो पाया कि उनकी जानकारी में उसका वजन किसी भी मरे हुए आदमी की तुलना में अधिक था, बल्कि घोड़े जितना होगा और उन्होंने एक दूसरे से कहा कि शायद वह लंबे समय से बह रहा था और उसकी हड्डियों में पानी भर गया था। उन्होंने उसे फर्श पर रखा तो उन्होंने कहा कि वह अन्य सभी पुरुषों से लंबा था क्योंकि घर में उसके लिए जगह नहीं थी, तो उन्होंने सोचा कि कुछ डूबे हुए लोगों में मौत के बाद भी बढ़ने की क्षमता थी। उसमें से समुद्र की गंध आ रही थी और केवल उसके आकार से लगता था कि यह एक इनसान की लाश थी क्योंकि उसकी त्वचा कीचड़ की पपड़ी और धारियों से ढकी हुई थी।

उन्हें यह पता करने के लिए उसके चेहरे को साफ करने की जरूरत नहीं थी कि मृत आदमी अजनबी था। गाँव में लकड़ी के बने बीस मकान थे जिनके पत्थर के आँगनों में फूल नहीं थे और फूल रेगिस्तान जैसी गरदनी के छोर पर बिखरे हुए थे। इतनी कम जमीन थी कि माँओं को हमेशा डर रहता था कि हवा उनके बच्चों को बहा ले जाएगी और उनमें से कई सालों से मरे हुए कुछ बच्चों को चट्टानों से धकेलना पड़ेगा। लेकिन समुद्र शांत और उदार था और सभी पुरुष सात नौकाओं में समा गए थे। उन्हें डूबा हुआ आदमी मिला तो उन्होंने बस यह जानने के लिए एक दूसरे को देखा कि वे सब वहाँ मौजूद थे।
उस रात वे काम करने के लिए समुद्र में नहीं गए।

जबकि पुरुष यह पता लगाने के लिए पड़ोस के गाँवों में चले गए कि कोई आदमी खोया हुआ तो नहीं है, महिलाएँ डूबे हुए आदमी की देखभाल करने के लिए पीछे रुक गईं। उन्होंने घास की बनी झाड़ू से उसकी कीचड़ हटाई, उसके बालों में उलझे हुए पानी के नीचे के पत्थरों को निकाल दिया, मछली की शल्क उतारने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों से पपड़ी को हटा दिया। जब वे ऐसा कर रही थीं तो उन्होंने पाया कि उस पर जमी घासफूस दूर महासागरों और गहरे पानी से आई हुई है और वह मूँगे के भँवरजालों से बह कर आया था। उन्होंने देखा कि उसने अपनी मृत्यु को गर्व के साथ सहन किया था और वह समुद्र से आने वाले हुए अन्य पुरुषों की तरह अकेला नजर नहीं आ रहा था, न ही वह नदियों में डूबने वाले लोगों की तरह जरूरतमंद और मरियल लग रहा था। लेकिन उन्हें सफाई करने के बाद पता चला कि वह किस तरह का आदमी था और वे अवाक रह गए। उन्होंने उस जितना लंबा, शक्तिशाली, साहसी, और सुंदर आदमी कभी नहीं देखा था, हालाँकि वे उसे देख रहे थे, वे उसके बारे में कल्पना नहीं कर पा रहे थे।

उन्हें उसे लिटाने के लिए गाँव में इतना बड़ा कोई बिस्तर नहीं मिला और न ही उसकी लाश की देखरेख के लिए कोई मजबूत मेज मिली। सबसे मोटे आदमी की ढीली पैंट उसे फिट नहीं आई और न ही सबसे बड़े पैरों वाले आदमी के जूते उसे पहनाए जा सके। उसके भारी भरकम डीलडौल और सुंदरता से मोहित होकर महिलाओं ने उसके लिए पाल के बड़े टुकड़े से पैंट और दुल्हन के ब्रेबेंट लिनन से शर्ट बनाने का फैसला किया जिससे उसका मृत्यु के बाद का सफर गरिमामय हो सके। जब वे गोल चक्कर में बैठकर सिलाई करते हुए लाश को निहार रही थीं उन्हें लग रहा था कि हवा उस रात जितनी स्थिर कभी नहीं थी और न ही समुद्र को कभी इतना बेचैन पाया था और उन्होंने सोचा कि उन बदलावों का मृत आदमी के साथ जरूर कोई रिश्ता है। उन्होंने सोचा कि अगर वह शानदार आदमी गाँव में रह रहा होता, तो उसके घर के दरवाजे सबसे चौड़े, छत सबसे ऊँची, फर्श सबसे मजबूत होता, उसकी चारपाई लोहे के पेंचों से चौखटे में बँधी होती और उसकी पत्नी सबसे खुश औरत होती।

उन्होंने सोचा कि उसके पास इतनी ताकत होती कि वह मछलियों को सिर्फ उनके नाम पुकारकर समुद्र से बाहर निकाल सकता था और वह अपनी जमीन में इतना काम करता होता कि चट्टानों के बीच से झरने फूट पड़े होते जिनसे वह चट्टानों पर फूलों के पौधे लगाने में सक्षम हो गया होता। उन्होंने चुपके से उसकी तुलना अपने आदमियों से की तो सोचा उनके आदमी अपने पूरे जीवन में वह करने के काबिल नहीं थे जिसे वह एक रात में कर सकता था और उन्हें अपने दिल में पृथ्वी पर सबसे कमजोर, मतलबी और सबसे बेकार प्राणियों के रूप में नकार दिया। जब वे कल्पना की भूलभुलैया में खोई हुई थीं तो सबसे बुजुर्ग औरत ने डूबे हुए आदमी को जुनून की बजाय करुणा से देखा था और आह भरी : ‘उसका चेहरा एस्तेबान से मिलता जुलता है।’

यह सच था। उनमें से अधिकांश ने यह जानने के लिए फिर से देखा कि उसका नाम कोई और नहीं हो ही नहीं सकता था। जब उन्होंने उसे कपड़े और पेटेंट वाले चमड़े के जूते पहना कर फूलों के बीच रखा, उनमें से ज्यादा जिद्दी और सबसे कम उम्रवाली औरत कुछ घंटों तक इस भ्रम में रही कि उसका नाम लौतारो हो सकता है। लेकिन यह भ्रम व्यर्थ था। कैनवास पूरा नहीं पड़ा, खराब कटाई और बदतर सिली गई पैंट भी उसे तंग थी और उसके हृदय की छिपी ताकत ने उसकी शर्ट के बटनों को तोड़ दिया। आधी रात के बाद हवा की सीटी बंद हो गई और समुद्र अपने बुधवार के उनींदेपन में डूब गया था। चुप्पी ने किसी भी प्रकार के संदेह को खत्म कर दिया : वह एस्तेबान था। जिन महिलाओं ने उसे कपड़े पहनाए थे, उसके बालों को कंघी की थी, उसके नाखून काटे थे और उसके बाल उतारे थे वे उस समय दयापूर्ण कँपकँपी को नहीं रोक पाईं जब उसे जमीन पर घसीटा जा रहा था। तब उन्हें यह समझ आया कि वह उस विशाल शरीर से कितना दुखी रहा होगा जिसने उसे मौत के बाद भी परेशान किया हुआ था।

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