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बक्सर डीएम आत्महत्या: जानने वालों ने किया बड़ा खुलासा !

बक्सर (बिहार) के जिलाधिकारी मुकेश पांडेय ने गुरुवार को गाजियाबाद में आत्महत्या कर ली। पहले वे दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक मॉल की 10वीं मंजिल पर सुसाइड करने के लिए पहुंचे थे। आत्महत्या के पहले जिलाधिकारी ने एक परिचित को अपने इस कदम की जानकारी वाट्सएप पर दी। परिचित ने इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस को दी।

मुकेश पांडेय ने किन कारणों से आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठाया, इसका पता नहीं चल सका है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि उन्होंने अपने फोन से एक वाट्सएप मैसेज किसी को भेजा ह। इसमें लिखा है कि पश्चिमी दिल्ली स्थित जनकपुरी मोहल्ले में होटल पिकादिली के दसवें तल्ले से छलांग लगा कर आत्महत्या कर रहे हैं।

उन्होंने मैसेज में लिखा है कि ‘मैं जीवन से निराश हूं और मानवता से विश्वास उठ गया है. मेरा सुसाइड नोट दिल्ली के होटल लीला पैलेस में नाईक के बैग में रूम नंबर 742 में रखा है. मैं आप सबसे प्यार करता हूं, कृपया मुझे माफ कर दें।’

यद्यापि पुलिस के वहां पहुंचने के बाद मुकेश कुमार पांडेय नहीं मिले। लेकिन, उनके शव को गाजियाबाद स्टेशन से एक किलोमीटर दूर कोटगांव के पास रेलवे ट्रैक से बरामद किया गया है। शव दो भागों में कटा है। अभी स्पष्ट नहीं है कि किस ट्रेन से कितने बजे कटा है।

शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन शुक्रवार को पोस्टमार्टम किये जाने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पायेगा। बिहार के डीजीपी पीके ठाकुर ने भी मुकेश पांडेय की मौत की पुष्टि कर दी है।

इस बीच आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही पुलिस को मिले सबूत इस ओर इशारा कर रहे हैं कि जिलाधिकारी की निजी जिंदगी में तनाव काफी ज्यादा था। उनके जाननेवालों का कहना है कि हाल के दिनों में रिश्तों में बढ़ता अनावश्यक बिखराव और तनाव उनके डिप्रेशन में जाने के बहुत बड़े कारण थे।

2012 में ऑल इंडिया में 14वीं रैंक लानेवाले मुकेश कुमार पांडेय की गिनती तेज तर्रार, बेदाग और कड़क अफसर के रूप में की जाती थी. उन्हें वर्ष 2015 में संयुक्त सचिव रैंक में प्रमोशन मिला था।

मुकेश के जाननेवालों के मुताबिक मुकेश के जीवन में तनाव विवाह के बाद से ही आना शुरू हो गया था। बताया जा रहा है कि मुकेश का परिवार उनसे अलग रहता था।

लीला पैलेस होटल से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि, ‘मैं अपनी पत्नी और अपने मां-बाप के बीच हो रहे झगड़े से बेहद परेशान हूं, इस वजह से यह कदम उठा रहा हूं’।

मुकेश पांडेय मूल रूप से सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के विश्वम्भरपुर पंचायत के सांझा गांव के निवासी थे। मुकेश के पिताजी सुदेश्वर पांडेय असम में कार्यरत थे, जो हाल में सेवानिवृत्ति के बाद पत्नी गीता पांडेय के साथ गांव रहने के लिए आये थे। मुकेश के एक भाई भारतीय विदेश सेवा के अंतर्गत मास्को में पोस्टेड हैं।

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