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बढ़ती ही जा रही हैं लालू परिवार की मुश्किलें, कुछ और संपत्ति हुई जब्त

यह वर्ष राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनके परिजनों के लिए मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। वह न सिर्फ से सत्ता बेदखल हो गए, बल्कि एक के बाद एक उनकी संपत्तियां भी जब्त होती जा रही हैं।

ताजा घटनाक्रम में आयकर विभाग ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी व उनकी पुत्री हेमा यादव की तीन संपत्तियों को 90 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर अटैच कर लिया है। ये संपत्तियां फुलवारीशरीफ व दानापुर में हैं। संपत्ति अटैच करने की सूचना राबड़ी देवी व उनकी पुत्री हेमा को भेज दी गई है। साथ ही निबंधन कार्यालय पटना व दानापुर को भी सूचना दी गई है कि इनकी बिक्री न हो।

खबर के अनुसार आयकर विभाग राबड़ी देवी व हेमा यादव को समन भेजकर फिर पूछताछ के लिए बुलाएगा। दोनों का पक्ष सुनने के बाद उक्त संपत्तियों को 90 दिनों के अंदर स्थायी तौर पर अटैच किया जा सकता है। संपत्तियों के स्थायी अटैच होने के बाद मामले का ट्रायल नई दिल्ली बेनामी संपत्ति कोर्ट में चलेगा।

आयकर सूत्रों के अनुसार ट्रायल में राबड़ी देवी, हेमा यादव, बेनामीदार ललन चौधरी व हृदयानंद चौधरी को आरोपी बनाया जाएगा। अगर ट्रायल के बाद मामला सही साबित हुआ तो बेनामी संपत्ति कानून के तहत सभी को सात साल की सजा हो सकती है।

इस मामले को मौजूदा उप मुख्यमंत्री और उस समय विपक्ष के नेता रहे सुशील मोदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उजागर किया था। इसके अनुसार लालू प्रसाद के गोशाला में काम करने वाले ललन चौधरी ने ढाई डेसिमल जमीन 30 लाख रुपये में खरीद कर राबड़ी देवी को दान में दे दी थी।

ललन चौधरी का कहना था कि वह उन्हें अपनी बहन मानता है, लेकिन पूछताछ में वह अपनी आमदनी का स्रोत नहीं बता पाया। इसी तरह हृदयानंद चौधरी ने 7.5 डेसिमल जमीन 60 लाख रुपये में खरीदी, लेकिन वह भी अपनी आय का स्रोत बताने में विफल रहा।

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