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मिलिए नीतीश कुमार के ‘दिमाग’ से

केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट के विस्तार में जदयू के दो चेहरे मंत्रिमंडल का हिस्सा बनेंगे। हाल में बदले बिहार के सियासी समीकरण के बाद यह तय है कि जदयू सरकार में शामिल होगी।

दो लोगों के नामों की चर्चा है जिसमे से एक चेहरे पर लगभग मुहर लग चुकी है, बस औपचारिक ऐलान बाकी है। वह चेहरा है जदयू के राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह का।

मीडिया और बिहार की समकालीन राजनीति में लो प्रोफाइल बना कर रखने वाले आरसीपी को लेकर उत्सुकता है कि आखिर कौन हैं, आरसीपी सिंह !

आरसीपी सिंह का पूरा नाम रामचंद्र प्रसाद सिंह है। वे बिहार से जदयू कोटे से राज्यसभा सांसद हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जिले नालंदा के रहने वाले आरसीपी सिंह पहले यूपी कैडर में आइएएस अधिकारी थे और नीतीश सरकार में प्रिंसिपल सेक्रेटरी रह चुके हैं।

59 वर्षीय आरसीपी सिंह अवधिया कुर्मी जाति से आते हैं। नीतीश के जिले नालंदा के मुस्तफापुर के रहने वाले हैं। सिविल सर्विस के दौरान आरसीपी सिंह यूपी सरकार में काफी अहम विभागों में काम चुके हैं। उन्हें नीतीश का खास माना जाता है। बिहार में नीतीश सरकार के साथ वे पहले प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में जुड़े। फिर राजनीति में आये और अब राज्यसभा में सांसद हैं।

बिहार के नालंदा जिले के मुस्तफापुर में 6 जुलाई 1958 को जन्में आरसीपी सिंह के पिता का नाम स्वर्गीय श्री सुखदेव नारायण सिंह है। माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती दुख लालो देवी है।

फिलवक्त आरसीपी सिंह दिल्ली में 402, स्वर्ण जयंती सदन, डॉ. बीडी मार्ग दिल्ली में रहते हैं। उनका स्थायी पता, मुस्तफापुर टोला, माल्टी, पोस्ट ऑफिस और पुलिस स्टेशन-अस्थावां, जिला नालंदा है। आरसीपी सिंह ने 21 मई 1982 को श्रीमती गिरिजा सिंह से शादी की। आरसीपी सिंह की दो बेटियां हैं।

आरसीपी के नाम से मशहूर रामचंद्र प्रसाद सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खासमखास माने जाते हैं। बिहार में शायद ही ऐसा कोई फैसला हो, जो नीतीश कुमार ने बिना आरसीपी सिंह की सलाह के लिया हो। आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के मित्र, राजनीतिक रणनीतिकार और सियासी सलाहकार सब कुछ हैं।

आरसीपी सिंह की शुरुआती शिक्षा हाइस्कूल, हुसैनपुर, नालंदा और पटना साइंस कॉलेज से हुई है। बाद में जेएनयू में पढ़ने के लिए गये।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दाहिने हाथ माने जाने वाले आरसीपी सिंह को मोदी के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाया जायेगा।

सूत्रों के मुताबिक आरसीपी सिंह को रेल मंत्री सुरेश प्रभु के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

दरअसल रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हाल में हुई रेल दुर्घटनाओं की ‘पूरी नैतिक जिम्मेदारी’ लेते हुए गत बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इस्तीफे की पेशकश की थी। इसके बाद से ही आरसीपी सिंह को मंत्रिमंडल में रेल मंत्रालय मिलने की चर्चा चल रही है।

बताया जा रहा है कि आरसीपी सिंह को रेल मंत्रालय का अनुभव भी है और वह मंत्री रहते राजद सुप्रीमो लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुई गड़बड़ियों का खुलासा भी कर सकते हैं।

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  1. Ramchandra Bhagat

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