+91 943 029 3163 info@biharkhojkhabar.com

शर्मनाक: चार पहिया वाहन के लिए पत्नी का बेच दिया किडनी

पश्चिम बंगाल के फरक्का में चार पहिया वाहन के लिए धोखे में रखकर अपनी पत्नी की किडनी बेच दिये जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

बताया जाता है कि फरक्का थाना क्षेत्र के बिंदुग्राम निवासी महादेव चंद्र हलदार ने अपने पुत्री रीता हलदार 36 की शादी लगभग 14 वर्ष पूर्व मुर्शिदाबाद जिला के लालगोला थाना क्षेत्र के कृष्णोपुर सारापाड़ा निवासी जीत सरकार के साथ किया था। शादी के बाद से ही ससुराल वाले व उसके पति की ओर से चार पहिया वाहन की मांग की जा रही थी।

मांग पूरा नहीं कर पाने की स्थिति में हल्का बीमार होने पर ही उसे अपेंडिक्स के ऑपरेशन कराये जाने की बात बताते हुए कोलकाता ले जाया गया। जहां किसी नर्सिंग होम में ले जा कर धोखे से रीता की दाहिने ओर की किडनी निकाल कर बेच दिया। खबर के मुताबिक पत्नी की किडनी बेच दिये जाने का आरोपित पति जीत सरकार को फरक्का पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है।

पुलिस के मुताबिक मानव अंग की इस गोरखधंधे के तार कोलकाता से जुड़े हैं। अब इस गोरखधंधे का राज गिरफ्तार आरोपित जीत सरकार खोलेगा। पुलिस इस मानव अंग तस्करी की तहत तक जाने के लिए प्रयासरत है। फरक्का पुलिस बिंदुग्राम गांव निवासी महादेव चंद्र हलदार की पुत्री रीता हलदार (36 वर्ष)के मामले को लेकर गंभीर है।

पुलिस के अनुसार अभी तक जो जानकारी मिली है, इससे पता चलता है कि कोलकाता में कई अस्पताल हैं, जहां से इस गिरोह के माफिया का सीधा संबंध है। मानव अंग तस्कर गिरोह सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, यह गिरोह कई राज्यों में संचालित है। जिसका मूल केंद्र कोलकाता है।

बताया जाता है कि कोलकाता में कई ऐसे संस्थान हैं, जहां इलाज के नाम पर मरीज का किडनी निकाल लिया जाता है। इस कार्य को लेकर गिरोह के माफिया हर क्षेत्र में अपना एजेंट बना कर रखे हैं। एजेंट ऐसे गरीब व अन्य लाचार लोगों को इलाज के नाम पर फंसा कर धोखे से उसका किडनी तक निकलवाने काम करते हैं देते हैं।

कई बड़े शहरों में चिकित्सक की संलिप्तता तो इस कार्य में होती ही है, पर गिरोह के माफिया इस धंधे में झोला छाप डॉक्टर को भी शामिल करते हैं। झोला छाप डॉक्टर के जरिये ग्रामीण क्षेत्रों से गरीब व लाचार बीमार लोगों को इसका शिकार बनाते हैं और कम खर्च पर अपेंडिक्स या अन्य छोटा ऑपरेशन आवश्यक रूप से कराये जाने की बात बता कर कोलकाता के ऐसे अस्पतालों में भर्ती कराते हैं और फिर वहां उसकी किडनी निकाल कर ऊंचे दामों पर बेच देते हैं। अधिकांश मामले में गरीबी व लाचारी के कारण लोग इसका विरोध सख्ती से नहीं कर पाते हैं।

Related Posts

Leave a Reply

*