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साहित्य सम्मेलन का 39 वां महाधिवेशन 17 मार्च को

आगामी १७-१८ मार्च को आहूत साहित्य सम्मेलन के ३९वें महाधिवेशन के संबंध में आयोजित संवाददाता-सम्मेलन में सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने जानकारी देते हुए बताया कि देश की दो महान साहित्यिक विभूतियों; आचार्य शिवपूजन सहाय एवं महापंडित राहुल सांकृत्यायन को समर्पित, दो दिवसीय इस महाधिवेशन का उद्घाटन १७ मार्च,२०१८ (शनिवार) को पूर्वाहन ११ बजे, विदुषी साहित्यकार एवं गोवा की महामहिम राज्यपाल महीयसी डा मृदुला सिन्हा जी करेंगी।

उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि इस अवसर पर मेघालय के महामहिम राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। महाधिवेशन के उद्घाटन के पूर्व इन विभूतियों के कर-कमलों से, सम्मेलन का बहु-प्रतिक्षित भव्य मुख्य-द्वार, जिसकी परिकल्पना स्तुत्य कलाचार्य उपेन्द्र महारथी ने की थी, और जिसका निर्माण, इस अधिवेशन के स्वागताध्यक्ष और माननीय सांसद पद्मश्री डा सी पी ठाकुर की ‘सांसद-निधि से हुई है, का लोकार्पण किया जाएगा।

“आचार्य शिव पूजन सहाय एवं लोक-साहित्य” विषय पर आयोजित महाधिवेशन का प्रथम वैचारिक सत्र इसी दिन अपराहन १२,३० बजे से आरंभ होगा, जिसका उद्घाटन हिंदी के यशस्वी विद्वान और हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के अध्यक्ष डा सूर्य प्रसाद दीक्षित करेंगे। सम्मेलन के प्रधान मंत्री आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव की अध्यक्षता में आयोजित, इस सत्र में सुप्रसिद्ध साहित्य-सेवी एवं आचार्य सहाय जी के पुत्र प्रो मंगलमूर्ति, डा बजरंग वर्मा, डा शिववंश पाण्डेय आदि विद्वान व्याख्यान देंगे।

१७ मार्च को ही अपराहन तीन बजे से विराट कवि-सम्मेलन आयोजित होगा, जिसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के पूर्व अध्यक्ष एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति के गीतकार डा सोम ठाकुर करेंगे। हिंदी प्रगति समिति बिहार के अध्यक्ष तथा बिहार गीत के रचयिता कविवर सत्य नारायण की अध्यक्षता में आयोजित इस कवि सम्मेलन में, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मंचों के सुख्यात कवि डा सुरेश अवस्थी (कानपुर), डा(श्रीमती) कमल मुसद्दी (कानपुर), डा तारा सिंह (मुंबई), श्री नचिकेता, डा सत्येंद्र अरुण, श्री बाबूलाल मधुकर, डा शांति जैन, डा सुभद्रा वीरेंद्र, डा क़ासिम ख़ुर्शीद, श्री आरपी घायल, श्री परिमलेन्दु सिन्हा, डा संजय पंकज, श्रीमती आराधना प्रसाद, श्री विजय गुंजन, श्री जनार्दन प्रसाद द्विवेदी, श्री रमेश कँवल, श्री देवेंद्र देव, श्री ऋषिकेश पाठक, डा मेहता नगेंद्र सिंह तथा घमंडी राम सहित प्रदेश भर से आए कविगण काव्य-पाठ करेंगे।

संध्या ६,३० बजे से प्रतिनिधियों के अभिनंदन में, भव्य सांस्कृतिक आयोजन संपन्न होगा, जिसमें नृत्यांगना श्रीमती अंजुला कुमारी का कत्थक-नृत्य , डा शंकर प्रसाद की विशेष प्रस्तुति; “तीन शायर और तीन फ़नकार” तथा साहित्य-सम्मेलन-नृवागा-संगीत अकादमी की ओर से कला-नेत्री श्री पल्लवी विश्वास के निर्देशन में, नृत्य-नाटिका ‘राधायण’ की प्रस्तुति दर्शनीय होगी। सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन बिहार के पुलिस महानिदेशक श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय करेंगे।

महाधिवेशन के दूसरे दिन का प्रथम सत्र १० बजे से आरंभ होगा, जिसका विषय “महापंडित राहुल सांकृत्यायन एवं यात्रा-साहित्य” रखा गया है। भाषा और साहित्य के यशस्वी विद्वान तथा विश्वविद्यालय सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो शशि शेखर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित इस वैचारिक-सत्र का उद्घाटन, पटना विश्व विद्यालय के कुलपति, प्रो रास बिहारी प्रसाद सिंह करेंगे। बी एन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के पूर्व कुलपति और विद्वान साहित्यकार प्रो अमरनाथ सिन्हा, विदुषी साहित्यकार प्रो वीणा श्रीवास्तव, डा किरण घई एवं अन्य विद्वानों के व्याख्यान होंगे।

१८ मार्च का दूसरा-सत्र, जो खुला सत्र है, अत्यंत महत्त्वपूर्ण होगा, जिसमें हिंदी भाषा और साहित्य की उन्नति के संबंध में आए प्रस्तावों पर प्रतिनिधिगण अपने विचार रखेंगे तथा प्रस्ताव पारित किए जाएँगे। सम्मेलन के उपाध्यक्ष श्री नृपेंद्र नाथ गुप्त की अध्यक्षता में आहूत इस मुक्त-सत्र का उद्घाटन वरिष्ठ साहित्यकार और अवकाश प्राप्त भा प्र से अधिकारी डा शिवदास पांडेय करेंगे। गुरुकुल कांगड़ी विशविद्यालय हरिद्वार की प्राध्यापिका डा सुचित्रा मलिक, असम विश्वविद्यालय, सिलचर के प्राध्यापक डा सुरेश चंद्र, दिल्ली दूरदर्शन केंद्र की कार्यक्रम अधिशासी श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव तथा आकाशवाणी के दिल्ली केंद्र के वरिष्ठ कार्यक्रम-प्रबंधक श्री दिलीप कुमार झा विशिष्ट वक़्ता होंगे। इस सत्र में बिहार भर से आए विद्वानों के परामर्श लिए जाएँगे।

महाधिवेशन का समापन, सम्मान-समारोह के रूप होगा, जिसमें देश के ५० से अधिक विद्वानों को बिहार की महान साहित्यिक विभूतियों के नाम से नामित अलंकरण प्रदान किए जाएँगे। समारोह का उद्घाटन मेघालय के महामहिम राज्यपाल श्री गंगा प्रसाद करेंगे। महाधिवेशन का समापन और समाहार व्याख्यान, समारोह के मुख्य-अतिथि और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल प्रो सिद्धेश्वर प्रसाद जी द्वारा दिया जाएगा। इस अवसर पर पटना उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र प्रसाद, भारतीय रिज़र्व बैंक के, बिहार और झारखंड के प्रभारी क्षेत्रीय निदेशक श्री नेलन प्रकाश तोपनो तथा नाबार्ड, बिहार के महाप्रबंधक श्री एस के मजूमदार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

संवाददाता सम्मेलन में श्री नृपेंद्र नाथ गुप्त, पं शिवदत्त मिश्र, डा शंकर प्रसाद (सभी उपाध्यक्ष), आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव (प्रधानमंत्री), डा शिववंश पाण्डेय (साहित्य मंत्री), डा मधु वर्मा, कुमार अनुपम, प्रो वासुकी नाथ झा, योगेन्द्र प्रसाद मिश्र, श्री राज कुमार प्रेमी, शालिनी पांडेय, डा अमरनाथ प्रसाद, डा नागेश्वर प्रसाद यादव, कृष्ण रंजन सिंह, डा विनय कुमार विष्णुपुरी, ई आनंद किशोर मिश्र, डा मेहता नगेंद्र सिंह,डा सीमा यादव, पंकज प्रियम, प्रवीर कुमार पंकज समेत कार्य समिति तथा ३९वें महाधिवेशन की स्वागत समिति के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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