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सृजन घोटाला: गिरफ्तार आरोपी की मौत, खोल सकता था अहम राज !

सृजन घोटाले में गिरफ्तार जिला कल्याण विभाग के नाजिर महेश मंडल की रविवार की देर रात 11 बजे जेएलएनएमसीएच में मौत हो गयी। वह किडनी की बीमारी से पीड़ित था। उसे सात दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। महेश के परिजनों ने जिला प्रशासन पर जान-बूझ कर मारने का आरोप लगाया।

परिजनों का आरोप है कि महेश घोटाले में बड़े लोगों के नाम उजागर न कर दे, इसलिए पुलिस-प्रशासन ने जेल प्रशासन के साथ मिलकर उसकी हत्या करवा दी। महेश को जानबूझकर इलाज से वंचित रखा गया।

खबर के अनुसार सृजन घोटाले में 13 अगस्त को गिरफ्तार ज़िला कल्याण विभाग से निलंबित नाजिर महेश मंडल की तबीयत भागलपुर जेल में बिगड़ गई थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर उन्हें शुक्रवार व शनिवार को भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भेजा गया। दो दिनों के इलाज के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया। महेश मंडल को किडनी खराब होने व डायबिटीज की शिकायत थी।

रविवार की शाम महेश की तबीयत फिर बिगड़ गई। उसे अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महेश मंडल की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि उसका सही इलाज नहीं किया गया। उन्‍होंने कहा कि जिंदा महेश कइयों के लिए मुसीबत बन सकता था। वह घोटाले के कई राज खोल सकता था। इसलिए साजिश के तहत उसे मार दिया गया।

मालूम हो कि जिला कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में कार्यरत नाजिर महेश मंडल के खाते में हर माह पांच लाख रुपये कमीशन मिलता था।

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