+91 943 029 3163 info@biharkhojkhabar.com
BREAKING NEWS

12 हजार करोड़ की कंपनी ‘रेमंड’ के मालिक को बेटे ने किया पाई-पाई के लिए मोहताज !

देश में कपड़े के क्षेत्र में धूम मचाने वाले ब्रांड रेमंड को बुलंदियों पर पहुंचाने वाले 78 वर्षीय विजयपत सिंघानिया इन दिनों पाई-पाई को मोहताज हैं। जी हां, देश के सबसे अमीर परिवारों में शुमार 12 हजार करोड़ के ग्रुप रेमंड के मालिक विजयपत सिंघानिया किराए के घर में रह रहे हैं।

कभी मुकेश अंबानी के एंटीलिया से भी ऊंचे जेके हाउस में रहने वाले विजयपत अपनी इस हालत के लिए अपने बेटे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। विजयपत ने आरोप लगाया है कि गौतम ने उन्हें पैसे-पैसे का मोहताज कर दिया है। वो कंपनी को निजी जागीर जैसे चला रहा हैं।

सिंघानिया ने कंपनी में अपने सारे शेयर फरवरी 2015 में बेटे के हिस्से में दे दिए थे। इन शेयर्स की कीमत करीब 1000 करोड़ रुपए थी, लेकिन अब गौतम ने उन्हें बेसहारा छोड़ दिया है। उनसे गाड़ी व ड्राइवर तक छीन लिए गए हैं।

कभी निजी हवाई जहाज में सफर करने वाले सिंघानिया मुंबई के ग्रैंड पराडी सोसायटी में किराए के मकान में रह रहे हैं। विजयपत सिंघानिया ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जेके हाउस में अपने ड्यूप्लेक्स घर का पजेशन मांगा है। बुधवार को उनके वकील ने अदालत को बताया कि विजयपत किस तरह पैसों की तंगी से जूझ रहे हैं।

जेके हाउस 1960 में बना था। उस वक्त यह एक 14 मंजिला इमारत थ। बाद में बिल्डिंग के 4 ड्यूप्लेक्स रेमंड की सब्सिडरी पश्मीना होल्डिंग्स को दिए ग।

वर्ष 2007 में, कंपनी ने इस बिल्डिंग को फिर से बनवाने का फैसला किया। डील के मुताबिक सिंघानिया और गौतम, वीनादेवी (सिंघानिया के भाई अजयपत सिंघानिया की विधवा), और उनके बेटों अनंत और अक्षयपत सिंघानिया को एक-एक ड्यूपलेक्स मिलना थ।

इसके लिए उन्हें 9 हजार प्रति वर्ग फीट की कीमत चुकानी थी। अपार्टमेंट में अपने हिस्से के लिए वीनादेवी और अनंत ने पहले से ही एक संयुक्त याचिका दायर की हुई है, वहीं अक्षयपत ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक अलग याचिका दायर की है।

Related Posts

Leave a Reply

*