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‘किसी भी समय का निर्धारण दो वादों के बीच में नहीं किया जा सकता’- प्रभात सरसिज

29 सितम्बर 1950 को वर्तमान जमुई जिले के गिद्धौर गांव में जन्में प्रभात सरसिज ने एम­ए­ हिन्दी विषय में भागलपुर विश्वविद्यालय से किया। 8वें दशक की लगभग सभी चर्चित पत्र/पत्रिकाओं में लगभग 150 कवितायें प्रकाशित/प्रसारित। 1975 में पटना प्रदेश के अध्यक्ष शांति निकेतन में 2002 से ...

लालू को नहीं, नीतीश को अपना नेता मानते हैं अनंत सिंह

जेल में रहते हुए मोकामा से चुनाव जीतने वाले बाहुबली विधायक अनंत कुमार सिंह ने गुरुवार को सदन की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने बिना शपथ पत्र देखे ही एक स्वर में प्रतिज्ञान पढ़ लिया। अनंत सिंह को चुनाव जीते पांच महीने बीत चुके थे। वे कई मामलों को लेकर जेल में बंद है और उन्होंने अभी तक...

प्रपद्य वाद के प्रमुख स्तंभ तथा प्रतिभाशाली साहित्यकार थे आचार्य केसरी: डॉ सुलभ

पटना, 31 मार्च। आचार्य नलिन विलोचन शर्मा, आचार्य केसरी कुमार तथा नरेश, इन तीनों मित्र-साहित्यकारों ने, आधुनिक हिन्दी कविता मे एक नये प्रयोग-वाद को जन्म दिया था। इसे वे प्रयोग-धर्मी पद्य कहते थे। इसीलिये इस प्रयोग को ‘प्रपद्य’ कहा गया। क्योंकि यही तीनों अर्थात, नलिन, ...