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3 हजार करोड़ में बिकी लियोनार्दो द विंची की यह दुर्लभ पेंटिंग

इटली के सर्वकालीन महान कलाकार, चित्रकार लिओनार्दो दा विंची की एक दुर्लभ पेंटिंग 2940 करोड़ रुपए में नीलाम हो गई। ईसा मसीह की इस 500 साल पुरानी पेंटिंग का नाम साल्वाडोर मुंडी (दुनिया के संरक्षक) है। इस पेंटिंग की नीलामी ने दुनिया में अब तक सबसे महंगी कलाकृति बनने का रिकॉर्ड बनाया है। लियोनार्दो द विंची ने साल 1519 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।

न्यू यॉर्क में नीलामी के दौरान खरीददार ने 20 मिनट तक टेलीफोन पर बात करते हुए इस पेंटिंग के लिए 40 करोड़ डॉलर की अंतिम बोली लगाई। फीस के साथ इसकी कीमत करीब 45 करोड़ डॉलर हो गई। हालांकि पेंटिंग ख़रीदने वाले का नाम गुप्त रखा गया है। साल 1958 में यह पेंटिंग कुल 45 पाउंड में बेच दी गई थी।

‘सेवियर ऑफ वर्ल्ड’ नाम के टाइटल की इस पेंटिंग को इतिहास के सबसे महान और बड़े कलाकार ने बनाया था। उनका किया गया कार्य बेहद दुर्लभ है। ‘क्रिस्टी नीलामी घर’ के मुताबिक, 20 से भी कम पेंटिंग्स अस्तित्व में हैं, जो खुद विंची के हाथों की बनी हुई हैं।

इस दुर्लभ पेंटिंग के अस्तित्व की खबर साल 2011 में सामने आई, जब इसे इंग्लैंड की नेशनल गैलरी ब्लॉकबस्टर लिओनार्दो एग्जिबिशन में शामिल किया गया। लंबे समय से इस पेंटिंग के होने पर विश्वास तो था, लेकिन सोचा जा रहा था कि शायद यह बेकार हो गई है।

माना जाता है कि ये पेंटिंग 15वीं सदी में इंग्लैंड के राजा चार्ल्स प्रथम की संपत्ति थी।
चार साल पहले रूसी संग्रहकर्ता दमित्री ई रयाबोलोव्लेव ने इस पेंटिंग को 12.7 करोड़ डॉलर में खरीदा था।

1958 में 45 पाउंड में इस पेंटिंग की नीलामी की गई। इसके बाद एक बार फिर यह पेंटिंग करीब 50 सालों तक गायब रही। 2005 में फिर इसके बारे में पता चला।

19वीं सदी की पेंटिग और अन्य कलाकृतियों के क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉ टिम हंटर इस पेंटिंग को 21वीं सदी की सबसे बड़ी खोज बताते हैं।

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