+91 943 029 3163 info@biharkhojkhabar.com

बड़ी खबर: पटना के संदीप दास को मिला ग्रैमी अवार्ड

पटना के तबला वादक संदीप दास को संगीत की दुनिया का सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित अवार्ड ग्रैमी पुरस्कार से नवाजा गया है। म्यूजिक एलबम कटेगरी में वायलिन वादक योयो मा एलबम सिंग मी होम को अवार्ड दिया गया है। यह यो यो मा का 19वां ग्रैमी अवार्ड है। इस एलबम में योयो मा और भारतीय तबला ...

मानवीय विष को निष्क्रिय करना ही कला का मकसद और साध्य है

नाटक “अनहद नाद – Unheard Sounds of Universe” नाटक होते हुए भी “जीवन” है और जीवन में घटित “नाटक” को हर पल उखाड़ फैंकता है .. कलाकार की कला , कलात्मकता और कला सत्व है ..उनका सृजन नाद है .. व्यक्तिगत सृजन दायरे को तोड़कर उसे यूनिवर्सल , ब्रह्मांडीय सृजन से जोड़ता है और कलाकार को ...

उस्ताद इमरत खान ने ठुकराया नरेंद्र मोदी सरकार से मिला पद्मश्री सम्मान

विश्वविख्यात सितार एवं सुरबहार वादक उस्ताद इमरत खान ने पद्मश्री पुरस्कार ठुकरा दिया क्योंकि यह ‘‘बहुत देर’’ से दिया जा रहा है और उनके ‘‘विश्वव्यापी शोहरत और योगदान’’ के अनुरूप नहीं है। इमरत ने एक मार्मिक पत्र लिखते हुए कहा है, ‘भारत सरकार ने 82 साल की उम्र में मेरी...

शम्भू मित्र ने रंगमंच में आधुनिक युग का प्रारंभ किया

”शम्भू मित्र ने आम लोगों  के दुःख-दर्द को तो अभियक्त किया ही लेकिन उनके द्वारा निर्देशित ‘नवान्न’ ने नाटकों की दुनिया में नए युग का पदार्पण किया। उनके नाटक रक्तकरबी, चार अध्याय जैसे रवीन्द्र नाथ के  रंगमंच के अनुकूल न माने जाने वालों नाटकों को मंच...

एक दोपहर ‘बज़्म-ए-सुख़न’ के नाम

इक ज़रा सी सुख़न-फ़हमी अगर दे दे ख़ुदा, ज़िन्दगी का लुत्फ़ ग़ालिब की तरफ़दारी में है! तो ले चलते हैं आपको ज़िन्दगी के लुत्फ़ और ग़ालिब की तरफ़दारी के लिए लेख्य-मंजूषा की प्रस्तुति “बज़्म-ए-सुख़न” में, जिसकी सदारत मशहूर शायर जनाब क़ासिम ख़ुर्शीद साहब  और निजामत जनाब अस्तित्व अंकुर ...

पेरिस में झलका झारखंड के गांवों की महिलाओं का हुनर

ठेठ गंवई, दुबली-पतली काया की पुतली गंझू को पढ़ना-लिखना नहीं आता. इन्हें देख कर कोई यकीन भी नहीं कर सकता कि मिट्टी की दीवारों पर उनका हुनर बोलता है और ये हुनर है कोहबर तथा सोहराई. पुतली को इसका गुमान है कि ‘पापा’ ने इसे चमकाने में सालों का वक़्त लगाया है...

उत्सव बना बोधगया बिनाले का समापन समारोह

बोधगया के सुजाता विहार में चल रहे बोधगया बिनाले का अंतर्राष्ट्रीय कला उत्सव बोधगया बिनाले का विधिवत समापन शुक्रवार को मधुबनी के लोकगायक बिसुनदेव पासवान के लोकगायन से हुआ। बिसुनदेव पासवान ने गरीब-गुरबों के नायक राजा सलहेस के वीर गाथाओं की गीतीमय प्रस्तुति से बिना...

बोधगया बिनाले में युवा कलाकारों का बोलबाला

बोधगया बिनाले को युवा कलाकारों का बिनाले कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। इस बिनाले में शामिल कलाकारों में ज्यादातर युवा कलाकार हैं जो गंभीर विषयों पर बनी अपनी कलाकृतियों और कलात्मक अभिव्यक्तियों से कलाप्रेमियों का मन मोह रहे हैं। बिनाले में मंगलवार को दिल्ली में रहने वाले बिहा...

बोधगया बिनाले में मैन विद सिंगिंग बाउल

समाज में जाति व्यवस्था को किस तरह से देखा जाता है और किसी अन्य पंथ को अपनाने के बावजूद उस व्यक्ति की जिंदगी पर किस तरह से उससे पूर्व की जाति एवं कर्मों का असर रहता है, क्या यह कला का विषय हो सकता है। बोधगया बिनाले में इसी को आधार बनाकर युवा कलाकार बी. अजय शर्मा ने समाज क...

बिहार के नाम रहा बिनाले का दूसरा दिन

बोधगया बिनाले में रविवार का दिन बिहार और कश्मीर के कलाकारों के नाम रहा और कई महत्वपूर्ण लोगों की आवाजाही बनी रही। जानी-मानी सिने तारिका सारिका ने भी कलाकृतियों को देखा और सराहा। सारिका ने बाइस्कोप प्रदर्शनी की औपचारिक शुरुआत करते हुए कहा कि बोधगया बिनाले एक महत्वपूर्ण कला आ...