+91 943 029 3163 info@biharkhojkhabar.com
BREAKING NEWS

दुनिया के सबसे खूबसूरत आदमी का डूबना

बच्चों ने सबसे पहले समुद्र से तेजी से आते काले उभार को देखा, तो उन्होंने उसे दुश्मन का जहाज समझा। जब उन्होंने उस पर किसी झंडे या मस्तूल को नहीं देखा तो सोचा कि कोई व्हेल होगी। मगर जब वह समुद्र तट पर बह कर आया, उन्होंने उसके शरीर पर से समुद्री शैवाल के गुच्छे, जे...
off

आवारा दिन

हमारे घर की गन्दी चीजें बाहर फेंकी और नवम्बर की धूप में लाई जा रही है। अजीब तरह से मैं उदास हूं। अपनी बस्ती के काले छप्परों के ऊपर झुके एक स्थिर बादल को सुस्ती से ताकता और तार-तार और पुआल भरी भूरी तोशक को बाहर ले जाने में मां की सहायता करता हुआ मैं दहलीज पर गिर गया। ‘नजर...
off

चीफ की दावत

आज मिस्टर शामनाथ के घर चीफ की दावत थी। शामनाथ और उनकी धर्मपत्नी को पसीना पोछने की फुर्सत न थी। पत्नी ड्रेसिंग गाउन पहने, उलझे हुए बालों जूड़ा बनाए, मुंह पर फैली हुई सुर्खी और पाउडर को मले और मिस्टर शामनाथ सिगरेट-पर-सिगरेट फूंकते हुए, चीजों की फेहरित्त हाथ थामें एक कमरे से...

मंगल सूत्र

(प्रेमचंद का आखिरी उपन्यास, जिसे वे पूरा न कर सके) बड़े बेटे संतकुमार को वकील बना कर, छोटे बेटे साधुकुमार को बी.ए. की डिग्री दिला कर और छोटी लड़की पंकजा के विवाह के लिए स्त्री के हाथों में पाँच हजार रुपए नकद रख कर देवकुमार ने समझ लिया कि वह जीवन के कर्तव्य से मुक्त हो गए और जी...

हड़ताल !

प्राण बाबू उस समय इतने जोश और ख़ुशी में थे कि उन्हें देखकर सभी लोग चकित थे, लोग उनकी हर हरकत और हर बात को चकित हो-होकर देख-सुन रहे थे। किन्तु प्राण बाबू को अपनी अस्वाभाविक हरकतों और बातों का जैसे कोई होश ही न था। वह तो अपनी ही ख़ुशी और जोश में मस्त थे। उनकी कमजोर टाँगों में जा...

माता का ह्दय

– प्रेमचंद माधवी की आंखों में सारा संसार अंधेरा हो रहा था।  कोई अपना मददगार दिखाई न देता था। कहीं आशा की झलक न थी। उस निर्धन घर में वह अकेली पडी रोती थी और कोई आंसू पोंछने वाला न था। उसके पति को मरे हुए २२ वर्ष हो गए थे। घर में कोई सम्पत्ति न थी। उसने न-जाने किन तकलीफों ...