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केजरीवाल पर गार्ड ने कसी थी फब्तियां, ‘चले थे प्रधानमंत्री बनने…’

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को आज दुनिया अपने कंधे पर उठाना चाहती है, उनकी आंखों में एक नया सपना देखना चाहती है लेकिन एक समय था जब उनके अपार्टमेंट के गार्ड ने भी उन पर फब्ती कसी थी. यह कहना है AAP के प्रवक्ता आशुतोष का. उन्होंने आजतक के शो ‘हल्लाबोल’ म...

वो ख़ुशवंत जिन्हें आप नहीं जानते!

ख़ुशवंत सिंह से मेरी पहली मुलाक़ात सन 2002 में एक तपती हुई दोपहर में हुई थी. उन्होंने अपने सुजान सिंह पार्क वाले फ़्लैट में चार बजे का वक़्त दिया था. जब मैं उनके दरवाज़े पहुंचा, तो वहाँ लिखा हुआ था, ‘अगर आपने समय नहीं लिया है तो कृपया घंटी नहीं बजाएं.’ तीन बज कर पचास मिनट ही ह...

‘मोदी सरकार से मुझे डर लग रहा है’

हबीब तनवीर और उनका बनाया ‘नया थिएटर’ अब रंगकर्म की दुनिया में एक अवधारणा बन चुके हैं. साल 2009 में उनके निधन के बाद नया थिएटर की कमान उनकी बेटी नगीन तनवीर के हाथों में आ गई. नगीन का पहला प्यार है संगीत और गाना हालांकि वे नया थिएटर के ज़्यादातर नाटकों में महिल...

पारम्परिक शैली के गीतों में विशेष छेड़-छाड़ उचित नहीं : विजया भारती

भोजपुरी लोकगीतों की माधुर्यता की मिसाल तो दुनिया देती है। नजरिया, डगरिया, बजरिया, चुनरिया के पुट डाले बिना शास्त्रीय संगीत भी अधूरा समझा जाता है | भोजपुरी के कुछेक शब्दों के उपयोग मात्र से शास्त्रीय संगीत तक विशिष्ट हो जाता है, वहीँ विगत कुछ वर्षों से लोकगीतों के नाम पर ...

सेक्स मेरे लिए टैबू नहीं है : शमोएल अहमद

शमोएल अहमद उर्दू-हिंदी के वरिष्ठम लेखकों में हैं। वे हिंदी में जितने पाॅपुलर हैं, उर्दू में उतने ही पाॅपुलर और विवादास्पद भी। बिंदास और खुले विचार में यकीन रखने वाले श्री अहमद ने यद्यपि बहुत कम कहानियां और उपन्यास लिखे हैं, लेकिन जो भी लिखा है वह बहुत ही पुख्ता और ...

नटवर सिंह का नया खुलासा, कहा- अमेरिका से पूछकर मंत्री तय करते थे मनमोहन

पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने नया विवाद छेड़ते हुए कहा है कि मनमोहन सिंह इतने कमजोर प्रधानमंत्री थे कि वे अमेरिका से पूछकर मंत्री बनाया करते थे। दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में आज भी 130 अफसर हैं, जिनमें 25 प्रतिशत से ज्यादा सीआईए के लोग हैं और वे पॉलिटिकल लॉबींग का काम ...

आज भारत में रक्तपात नहीं हो रहा है तो यह गांधी की देन है : मणिमाला

बहुमुखी प्रतिभा की धनी मणिमाला ने अपनी शुरुआत प्रभात प्रभात खबर, रांची से की। वे करीब दस वर्षों तक नवभारत टाइम्स, पटना संस्करण से जुडी रही। कई पुरस्कार और फ़ेलोशिप पाने वाली मणिमाला इन दिनों गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति की निदेशक हैं।  अनीश अंकुर – आपसे यह जानना चाह रहे ...

एक अच्छी कविता जिन्दगी का रूख बदल देती है: रवीन्द्र भारती

रवींद्र भारती मूलतः कवि, नाटककार हैं। ‘जड़ों की आखिरी पकड़ तक’, और ‘नचनियां’ की काव्य पुस्तकें हैं। ‘कंपनी उस्ताद’, ‘फुकन का सुथन्ना’, ‘जनवासा’ और ‘अगिन तिरिया’ उनके अब तक के प्रकाषित मुख्य नाटक हैं। उन्होंने ‘सोनपुर मेले में सात दिन’ नामक एषिया के सबसे बड़े मेले सोनप...

अब हवा में सिर्फ उसकी राख उड़ रही है… नंदकिशोर नवल

नंदकिशोर नवल आधुनिक हिंदी कविता के एक महत्वपूर्ण आलोचक हैं। उनके द्वारा संपादित एवं लिखित किताबों की संख्या दर्जनों में है। निराला रचनावली, दिनकर रचनावली संयुक्त रूप से, मैथिलीशरण संचयिता, नामवर सिंह संचयिता  और ‘स्वतंत्रता पुकारती’ उनके द्वारा संपादित मुख्य काम हैं। ...

कम लेखकों ने आंदोलनों को केन्द्र में रखकर कथा-साहित्य रचा

चर्चित कथाकार एवं निबंधकार शिवदयाल से अरुण नारायण की बातचीत- कहानी, कविता तथा निबंध लेखन के माध्यम से शिवदयाल अपने समय में लगातार सार्थक हस्तक्षेप करते रहे हैं। कई चर्चित कहानियों एवं उपन्यास समेत इनके दर्जनों वैचारिक निबंध प्रकाशित हैं। संवेदना और विचार की सह-उपस्थिति इनके ले...