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कम लेखकों ने आंदोलनों को केन्द्र में रखकर कथा-साहित्य रचा

चर्चित कथाकार एवं निबंधकार शिवदयाल से अरुण नारायण की बातचीत- कहानी, कविता तथा निबंध लेखन के माध्यम से शिवदयाल अपने समय में लगातार सार्थक हस्तक्षेप करते रहे हैं। कई चर्चित कहानियों एवं उपन्यास समेत इनके दर्जनों वैचारिक निबंध प्रकाशित हैं। संवेदना और विचार की सह-उपस्थिति इनके ले...

सीखने की ललक ने हमेशा मुझे बांधे रखा

पांच साल की उम्र से शुरू हुए थिरकते कदम जब 94 साल में भी थिरक रहे हों तो इसे चमत्कार कहना ग़लत नहीं होगा। इस चमत्कार का नाम है सितारा देवी! आज भी उनकी बड़ी-बड़ी आंखें वो जज़्बात बयां करती हैं जो ईश्वर की देन के बिना संभव नहीं है। एक कलाकार के रूप में जीया जीवन उनके भीतर ...

अक्षय कुमार से अजय ब्रह्मात्‍मज की बातचीत

अक्षय कुमार हाल ही में इस्तांबुल से नीरज पांडे की फिल्म ‘बेबी’ की शूटिंग से लौटे हैं। मुंबई आते ही वे अपनी अगली फिल्म ‘हॉलीडे’ के प्रचार में जुट गए हैं। अमूमन बाकी पापुलर स्टार अपनी फिल्मों के धूआंधार प्रचार में कम से कम दो महीने लगाते हैं। अक्षय कुमार उन सभी से अलग तरीका अपना...

‘राजीव गांधी ने पॉप म्यूज़िक को लोकप्रिय किया’

भारत में 90 का दशक वो समय था जब दूरदर्शन के अलावा निजी टीवी चैनलों का दौर आया, फ़िल्मी गानों से अलग म्यूज़िक एलबमों और पॉप वीडियो का ज़बरदस्त क्रेज़ हुआ था. ऐसा ही एक एलबम था ‘मेड इन इंडिया’ जिसकी गायिका थीं अलीशा चिनॉय. वो अपने इस गाने से ख़ूब मशहूर हुई थीं....
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जब नेहरू ने कार्टूनिस्ट से कहा, ‘मुझे भी न बख़्शें…

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की विदेश नीति के बारे में उनकी भांजी और लेखिका नयनतारा सहगल का कहना है कि ये अपने आप में ‘अजीब’ थी, क्योंकि उस वक्त अमरीका और रूस पूरी दुनिया को दो हिस्सों में बांट लेना चाहते थे, लेकिन भारत ने अपना अलग ही रास्ता चुना. नयनतारा...

देश को उम्मीद दी है नरेन्द्र मोदी ने : आमिर खान

अपने कामकाज के बीच आमिर खान ने चुनाव परिणामों में रुचि दिखाई। उन्होंने आज दोपहर में आ रहे परिणामों को टीवी पर देखा और नरेन्द्र मोदी को मिले स्पष्ट बहुमत पर खुशी जतायी। उन्होंने बातचीत में यह उम्मीद जाहिर की कि नरेन्द्र मोदी अपने वादों को पूरा करेंगे और पूरे देश को प्रगति की...
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श्रेष्ठता का आधार रचना की अपनी शक्ति होती हैः अब्दुल बिस्मिल्लाह।

अब्दुल बिस्मिल्लाह से अरुण नारायण की बातचीत अब्दुल बिस्मिल्लाह पिछले दिनों पटना में आयोजित ‘लिटररी फेस्टिवल’ ‘14 से 16 फरवरी’ मं आए। उनके साथ तीन दिनों तक लगातार साथ रहने का संयोग तो मिला लेकिन एकांत नहीं मिला, जिसमें जमकर बातचीत का समय निकाला जा सके। अंततः आयोजन क्र...
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अंग्रेज़ी दूसरी भारतीय भाषाओं का गला घोंट देता है – विक्रम सेठ

ए स्यूटेबल ब्वाय’ फेम के विक्रम सेठ पिछले दिनों ‘पटना लिटरेचर फेस्टीवल’ के दौरान पटना आए। विक्रम सेठ लगभग 35 वर्षों के पश्चात पटना लौटे थे। उनके बचपन का बड़ा हिस्सा पटना में व्यतीत हुआ है। वे लगभग 10 वर्षों (6 से 16 वर्षों तक) तक पटना में रहे। आजकल वे लं...
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मोदी ही सुभाष चंद्र बोस बन सकते हैं: निज़ामुद्दीन

“मोदी इज़ अ गुड फ़ेलो”, ये कहना था एक ज़माने में आज़ाद हिंद फ़ौज में काम कर चुके ‘कर्नल’ निज़ामुद्दीन का. बात हो रही थी आजमगढ़ और बनारस के बीच स्थित एक गांव मुबारकपुर के पास. आठ मई को बनारस में हुई अपनी चुनावी सभा में नरेंद्र मोदी ने मंच पर झुककर निज़ामुद्दी...
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गुलजार-राखी के तलाक पर बोस्की का इंटरव्यू

एक गीतकार जो पिता हैं, पति हैं और इस गीतकार गुलजार को तो हम सब बहुत अच्छी तरह जानते हैं. लेकिन गुलजार को उनकी बेटी मेघना गुलजार के नजरिए से भी जानना एक दिलचस्प अनुभव रहा. बीबीसी से खास बातचीत में मेघना ने गुलजार के शख्सियत के उस पहलू को बांटा जिससे ज्यादा लोग वाकिफ नहीं ...