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सीनाजोरी पर उतरा नीरव, कहा- बैंक ने खुलासा कर वसूली के सारे रास्ते किए बंद

पीएनबी घोटाले के मास्टरमाइंड नीरव मोदी ने मामले को लेकर पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधन को एक पत्र लिख कर कहा है कि पंजाब नेशनल बैंक ने इस मामले को सार्वजनिक करके उससे बकाया राशि वसूलने के सारे रास्ते बंद कर लिये हैं।

नीरव मोदी ने पत्र के माध्‍यम से यह भी दावा किया है कि पीएनबी जितनी बकाया रकम बता रहा है, वो राशि इससे बहुत कम है। मोदी ने बीते 15/16 फरवरी को बैंक मैनेजमेंट को यह पत्र लिखा है जिसमें उसने अपने इरादों के बारे में बताया है। पत्र में नीरव मोदी ने कहा है कि उसके पास 5,000 करोड़ रुपये से भी कम का बकाया है।

बैंक प्रबंधन को लिखे पत्र में नीरव मोदी ने कहा है कि मामले की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद मेरी कंपनियों के खिलाफ छापेमारी और संपत्ति जब्त करने का सिलसिला जारी है। जिस वजह से बैंकों का बकाया राशि चुकाने की मेरी क्षमता खत्म हो चुकी है। नीरव मोदी ने कहा कि 13 फरवरी को की गयी मेरी पेशकश के बाद भी बैंक ने जानकारी 15 फरवरी को सार्वजनिक कर दी। बैंक की इस कार्रवाई ने मेरे ब्रांड और मेरे कारोबार को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिस वजह से अब बकाया राशि वसूलने की बैंक की क्षमता सिमट कर रह गयी है।

नीरव मोदी ने ने लिखा है, ’13 फरवरी को मैंने पैसा लौटाने का ऑफर दिया था। लेकिन, देनदारी वसूलने की जल्दबाजी में उठाए गए कदमों ने मेरे ब्रांड और बिजनेस को तबाह कर दिया। ऐसे में आपने खुद कर्ज वसूलने के अवसरों को सीमित कर लिया है।”

नीरव ने देनदारी के पीएनबी द्वारा दिए आंकड़ों पर लिखा, ‘आप जानते हैं कि ये (11 हजार करोड़ से ज्यादा की देनदारी) पूरी तरह गलत है और नीरव मोदी ग्रुप की देनदारी इससे कहीं कम है। आपकी शिकायत फाइल होने के बाद भी भलमनसाहत के चलते मैंने आपको लिखा था कि कृपया मुझे फायर स्टार ग्रुप को बेचने या उसकी कीमती संपत्तियों को बेचने की इजाजत दें और अपनी देनदारी रिकवर करें। केवल फायर स्टार ग्रुप से ही नहीं, बल्कि बाकी तीन फर्म्स से भी।’

‘भारत में मेरे बिजनेस की वैल्यू करीब 6,500 करोड़ रुपए है और इससे बैंक का कुछ कर्ज लौटाया जा सकता था। लेकिन, अब ये मुमकिन नहीं है, क्योंकि मेरे सारे अकाउंट्स फ्रीज हैं और संपत्तियां सील कर दी गई हैं। ईडी और सीबीआई ने जो कीमती सामान और संपत्तियां जब्त किया है, उनकी कीमत 5649 है, ये और दूसरी संपत्तियों से बैंक की सारी देनदारी चुकाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा लगता है कि ये दौर अब गुजर गया है।’

उसने आगे लिखा है, ‘मेरे भाई का नाम गलत तरीके से जोड़ा गया है। मेरी तीन फर्म्स और दूसरे ऑपरेशंस से उसका कोई लेना-देना नहीं है। मेरी पत्नी भी मेरे किसी बिजनेस से नहीं जुड़ी है, उसका नाम भी गलत तरीके से जोड़ा गया है। मेरे अंकल का नाम भी गलत तरीके से जोड़ा गया है, क्योंकि उनका खुद का बिजनेस है और उन्हें आपके बैंक से मेरे लेन-देन के बारे में जानकारी नहीं है। मैंने जो भी किया है, उसके नतीजे का सामना मैं करूंगा।’

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